क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,
जो खुद से हार जाए, वो दुनिया से क्या जीत पाएगा?
तेरे चेहरे की रंगत भी किसी दिन मोहब्बत उड़ा देगी…!
दरख़्त-ए-नीम हु मै मेरे नाम से घबराहट हो गई,
चेहरे से ही समझ आ जाता है… उदासी का कारण इश्क है या पैसा।
हर शाम ढल जाती है… बस उसके कदमों की आहट बची रह जाती है।
वो पत्रा पलटते है और मैं किताब जला देता हु…!
क्यों नहीं समझ पाई Sad Shayari in Hindi मेरी मोहब्बत के राज़।
मत देखो मेरी आँखे में बिलकुल खाली हैं दोस्त,
और ज़िंदगी का हर दर्द… चेहरे पर दिखा भी नहीं करता।
ये नज्में गजले छोड़ो तुम्पर किताब लिख देता हु…!!!
कुछ कहानियाँ बिना अलविदा कहे ही खत्म हो जाती हैं,
कब तक तेरे इश्क़ का बोझ उठा कर रोता रहूँ,